
पंचांगुली साधना, जिसकी पूरी होने पर व्यक्ति को भविष्य का आभास होता है। पंचांगुली साधना को त्रिकालदर्शी साधना भी कहा जाता है, जिसके 8 तत्व होते हैं। ऐसा माना जाता है इस साधना के द्वारा साधक मे भूत और भविष्य को जानने का पूर्ण ज्ञान हो जाता है । ज्योतिश्चर्यों के लिए यह विद्या एक वरदान के समान है भविष्य ज्ञान कराने वाली एक सात्विक साधना है ।