
सुमुखि देवी की साधना से साधक न सिर्फ तंत्र विद्या में निपुण हो जाता है बल्कि मनोवांक्षित सिद्धि को भी प्राप्त कर लेता है इनकी साधना अत्यंत गोपनीय है मंत्र का 9 लाख जपने वाला सिद्धिवान हो जाता है और 1 करोड़ जपने वाले के अधीन संसार की समस्त पिशासनियाँ हो जाती हैं वो भी सौम्य तरीके से, यह स्वरुप माता मातंगी का विग्रह रूप ही है इनके जाप से पहले कवच का पाठ जरुरी है विधान और कवच पीडीऍफ़ में दिया गया है l