जब दर्शन दे आपको जो भी रिश्ता इनके साथ कायम करना चाहते हैं उसी से आप इन्हें संबोधित करे साधक इस साधना को किसी एकांत स्थल में बैठकर करने लगे और ग्रहण समाप्त होने पर। इस साधना को पूर्ण कर स्नान करें। यह साधना बहुत ही तीव्र और मनोवांछित तभी सभी प्रकार की तंत्र स