हवन के पश्चात् यंत्र को अपने घर के मंदिर या तिजोरी में लाल वस्त्र में बांधकर रख दें। यह यंत्र एक वर्ष तक वहीं रखें और बाकि बची पूजा सामग्री को नदी या किसी पीपल के नीचे विसर्जित कर दें। इस तरह करने से यह साधना पूर्ण मानी जाती है। साधना के संकल्प सहित कार्य भवि